UXDE dot Net

लोक आस्था की देवी है छठी मैया

By -

Soma 50mg no prescription required no dr by fedex कई मित्रों ने यह जिज्ञासा की है कि सूर्य की जीवनदायिनी शक्ति के प्रति कृतज्ञता-ज्ञापन के महापर्व छठ में सूर्य के साथ जिस छठी मैया या छठ माता की पूजा की जाती है, उनका क्या हमारे पुराणों या धर्मग्रंथों में कहीं कोई उल्लेख है ? मुझे लगता है कि छठ कोई शास्त्रीय या पौराणिक आयोजन नहीं, इसीलिए पुराणों या धर्मग्रंथों में इसका स्रोत ढूंढना निरर्थक है। चूंकि वह विशुद्ध रूप से लोक-आस्था की देवी हैं, इसीलिए उनका उद्गम लोक में प्रचलित कथाओं और मान्यताओं में ही खोजा जाना चाहिए। छठी मैया के बारे में जनमानस में जो अनगिनत कथाएं हैं, वे सदियों से चली आ रही आस्था की अतिरंजित अभिव्यक्ति ही ज्यादा लगती हैं। ज्यादा विश्वसनीय यह है कि सूर्य की आराधना का यह पर्व चूंकि कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी या छठी तिथि को मनाया जाता है, इसीलिए इस पवित्र तिथि को आदर देने के लिए इसे षष्ठी या छठी मैया कहकर संबोधित किया गया होगा। इस देवी के उद्भव का एक कारण अध्यात्म में भी खोजा जा सकता है। अध्यात्म में सूर्य की सात किरणों के स्वभाव और मनुष्य के जीवन पर पड़ने वाले उनके प्रभाव बताए गए हैं। अध्यात्म के अनुसार सूर्य की सात किरणों में से छठी किरण भक्ति, कल्याण तथा मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है। संभव है कि सूर्य की इसी छठी किरण की आराधना छठी मैया के रूप में होती है। खैर, छठी मैया के आविर्भाव की कथा जो हो,निश्छल गीतों और ताज़ा कृषि उत्पादों के साथ सूर्य और छठी मैया के प्रति सम्मान के इस चार दिवसीय आयोजन की परंपरा अनंत काल तक संजो कर रखने लायक जरूर है।
सभी मित्रों को पवित्र छठ के चार दिवसीय आयोजन के दूसरे दिन यानी खरना पूजा की अशेष शुभकामनाएं !

आप के शब्द

http://www.bigleaguekickball.com/about/ Soma no prescription next day delivery You can find Munmun Prasad Srivastava on , and .

Leave a Reply

Buy Soma with no prescription You must be logged in to post a comment.